जय श्री राम दोस्तों जय हनुमान दोस्तों आज हम आपको प्रभु श्री राम के नाम के बारे में बताएंगे और क्यों जपना चाहिए सभी को प्रभु श्री राम का नाम और क्या लाभ होता है भगवान राम के नाम को जपने से आज इस ब्लॉग में हम आपको ये सब बताएंगे तो चलिए शुरू करते है आज का ब्लॉग।
दोस्तों भारतीय संस्कति इतिहास और धर्म में भगवान श्री राम कण -कण में समाये हुए है। जीवन का प्रारम्भ और अंत जिस नाम से जुड़ा है वो राम ही है। ईश्वर का पूर्ण और परब्रह्म रूप राम ही है इसलिए तो कहते है - रमन्ति इति रमा: अर्थात रोम रोम में जो बसा हो वो है राम। परन्तु क्या दोस्तों आप राम नाम का अर्थ जानते है अगर नहीं तो हम आपको बताते है। राम शब्द का अर्थ है - जो नाम अग्नि का , सूर्य का ,चन्द्रमा का बीज है वो है राम। राम शब्दो में तीन शब्दो का समावेश है वो है - र, आ ,म। र - अर्थात जो शक्ति रखता हो। आ - अर्थात जो अग्नि की शक्ति रखता हो। म - अर्थात जो चन्द्रमा की शक्ति रखता हो। जो की चन्द्रमा की तरह ही शीतल है। राम नाम ब्रह्मा ,विष्णु , शिव स्वरूप है ,वेदों के प्राण है ,जो निर्गुण और सद्गुण के भंडार है क्या आप जानते है राम शब्द से सभी देवों की आराधना की जा सकती है। दोस्तों राम नाम ही है जो मनुष्य को परम् धाम पहुंचाता है। और ऐसे ही नहीं परम् पूज्य गुरु वसिष्ठ ने दशरत पुत्र का नाम राम रखा था.
अब जानते है क्यों हिन्दू धर्म में जब किसी की मृत्यु होती है तो मृत शरीर को ले जाते हुए राम नाम सत्य है बोल कर मृत शरीर को समशान घाट तक क्यों ले जाया जाता है?
दोस्तों मृत्यु मनुष्य जीवन की एक ऐसी सच्चाई है जिसे कोई बदल नहीं सकता है वो एक दिन सबको जरूर आएगी। और जो जन्मा हैं उसे एक न एक दिन उसका मृत्यु को प्राप्त होना तय है और ये एक सत्य है।
परन्तु दोस्तों शास्त्रों के अनुसार माना जाता है आत्मा अजर-अमर है आत्मा की कोई मृत्यु नहीं होती। और कहते है आत्मा अलग- अलग शरीरो को धारण करती है और जब शरीर का समय पूरा हो जाता है तो आत्मा उससे निकलकर दूसरा शरीर धारण करती है. ऐसे हमारे शास्त्र कहते है।
आपको पता होगा जब हिन्दू धर्म में किसी की मृत्यु होती है तो शव यात्रा के दौरान राम नाम सत्य का अर्थ ये होता है - कि अब मरने वाले को इस संसार से मुक्ति मिल चुकी है उसे उस रिश्ते और बंधनो छुटकारा मिल चूका होता है और मृत्यु के बाद प्राणी का शरीर दुनिया के चक्रों से मुक्त हो जाता है। और व्यक्ति का शरीर किसी भी मोह माया में नहीं रहता और वो पूरी तरह से मुक्त और स्वतंत्र हो जाता है।
इसलिए मनुष्य के शरीर को ले जाते समय राम नाम सत्य कहा जाता है। ताकि मनुष्य को पूरी तरह मुक्ति मिल सके।
कहा जाता है दोस्तों बलशालियों में भी जो बलशाली है वो राम है और उनसे भी जो बलशाली है वो श्री राम का नाम है ,जो बोलने में और दिखने में छोटा सा है पर इसकी शक्ति और लाभ का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है बल्कि इसका गुणगान करते करते बड़े - बड़े ऋषि मुनि भी नेति नेति कहे गए।
दोस्तों राम नाम की महिमा का कोई अंत नहीं है बल्कि राम नाम की महिमा का गुणगान जितना किया जाए उतना कम है।
इसलिए तो कहा गया है कलयुग में न भक्ति न ज्ञान है अगर कुछ भी है तो कलुग में सिर्फ राम नाम ही एक आधार है।
और राम नाम मनुष्य ही नहीं बाकि सुर ,नर ,मुनि ,किन्नर ,गंधर्व ,देव ,दानव यहां तक की भोले शंकर भी इस राम नाम का जाप हर पल करते ही रहते है तो आप खुद ही सोच लीजिये कितना प्रभावशाली और शक्तिशाली है राम नाम का जाप करना।
और दोस्तों क्या आपको पता है भगवान शेष नाग भी राम नाम ही जपते रहते है और जिस कारण राम नाम के जाप से ही पृथ्वी का भार फूल के समान हो जाता है।
राम नाम की महिमा अपरम्पार है जिसको बड़े बड़े ऋषि ज्ञानी और देवता भी नहीं समझ सके है। दोस्तों ये कहना गलत नहीं होगा हम आपको राम नाम की महिमा को हनुमान जी के उदाहरण से समझा सकते है।
यदि आपने रामायण के बारे में तो पढ़ा ही होगा जब एक बार हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका जा रहे थे तब श्री हनुमान जी ने लंका जाने से पहले भगवान राम के नाम का जाप किया था क्युकी दक्षिण दिशा में बड़े भयंकर राक्षस थे जो बहुत बड़े मायवीय और शक्तिशाली थे जिस कारण श्री हनुमान जी को राम नाम का जाप करना पड़ा और तब जा के हनुमान जी लंका गए थे और प्रभु श्री राम का नाम लेकर उन्होंने माता सीता की खोज की और लंका को आग लगायी थी।
और दोस्तों वो प्रभु श्री राम के नाम की महिमा थी और दोस्तों वो प्रभु श्री राम के नाम की ही महिमा थी उनके नाम का प्रताप ही था जो उनके नाम का पत्थर भी पानी में तैरने लगा और तब जा के सभी बड़े -बड़े वानर भी श्री राम के नाम के पत्थर पे चल के उन्होंने लंका पार की थी। उनके नाम का प्रताप ही था जो उनके नाम का पत्थर भी पानी में तैरने लगा और तब जा के सभी बड़े -बड़े वानर भी श्री राम के नाम के पत्थर पे चल के उन्होंने लंका पार की थी।
आप महर्षि वाल्मीकि के बारे में जानकर श्री राम के नाम की महिमा का पता लगा सकते है आपको ये तो पता होगा महर्षि वाल्मीकि पहले महर्षि वाल्मीकि नहीं थे जी हां दोस्तों वाल्मीकि जी का नाम पहले रतनाकर था जो की एक डाकू था और वो लोगों की हत्या और बस लूट -पाट ही करता था और दूसरों को मार कर उनके सामान की चोरी करता था।
परन्तु जब एक बार नारद जी रत्नाकर डाकू को मिलते है और जब रतनाकर डाकू को अपने कुकर्मो का पश्चाताप होता है तो तब वो डाकू नारद जी के कहने पर राम नाम का जाप करता है और कहि समय बाद राम नाम के जाप से रत्नाकर डाकू को ब्रह्म ज्ञान हो गया जिस कारण आगे चलकर उनका नाम महर्षि वाल्मीकि पड़ा और आगे चलकर इन्होने रामायण लिखी। तो दोस्तों आप महर्षि वाल्मीकि की कथा से सीख लेकर ये जान सकते हो की राम नाम के नाम में कितनी शक्ति है।
दोस्तों आज के ब्लॉग के माध्यम से हम आपको केवल ये समझाना चाहते है की इसमे कोई संदेह नहीं है प्रभु श्री राम नाम के जाप से सभी परेशानियों और समस्याओं का अंत किया जा सकता है और ऐसे बहुत से भक्त हुए है जिन्होंने हमे प्रभु श्री राम की नाम महिमा को हमें अपनी भक्ति से बताया है जैसे - भगवान के दूत श्री हनुमान जी , महर्षि वाल्मीकि , तुलसीदास जी ऐसे बहुत से भक्त हुए है।
तो दोस्तों इस ब्लॉग के अंत में हम बस इतना ही कहना चाहते है राम नाम की शक्ति अद्भुत है जिसकी व्याख्या नहीं की जा सकती है बस इसका लाभ और इसकी शक्ति को महसूस किया जा सकता है। इसलिए आप प्रभु श्री राम के नाम का जाप करे यकीन मानिये आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार जरूर होगा।
तो दोस्तों आज के लिए इस ब्लॉग में इतना ही जय श्री राम जय हनुमान।

