जानिए भगवान राम के अलावा रावण का वध कौनसा यौद्धा लंका युद्ध में कर सकता था .दोस्तों क्या आपको पता है राम रावण युद्ध में एक योद्धा ऐसा भी था जो रावण का अंत पलभर में कर सकता था जी हाँ दोस्तों श्री महाबली श्री हनुमान जी रावण वध पलभर में उसी समय कर सकते थे जब हनुमान जी माता सीता की खोज में समुद्र लांघकर लंका गए थे। परन्तु रावण का वध श्री राम के हाथों लिखा था .परन्तु हनुमान जी अपने प्रभु श्री राम की आज्ञा का उलंघन नहीं करना चाहते थे जिस कारण हनुमान जी ने रावण का वध नहीं किया।
वैसे तो दोस्तों रावण का वध श्री राम ,हनुमान जी के अलावा बाली और सहस्त्रअर्जुन भी कर सकते थे परन्तु हम बात कर रहे हैं लंका युद्ध की।
क्या आपको पता है हनुमान जी की शक्ति का राज क्या है
दोस्तों ये तो आपको पता ही होगा की श्री हनुमान जी को अतुलित बल के धाम कहा जाता है अर्थात जिसके बल की कोई सीमा नहीं हो ,जिसमे बल से भी अधिक बल हो ,परन्तु दोस्तों क्या आपको पता है श्री हनुमान जी पर इतना बल आता कहा से है ? कहते है दोस्तों श्री राम की भक्ति करने के कारण श्री हनुमान जी पर बल आता है जितनी भक्ति वो श्री राम की करते है उतना ही बल उनका बढ़ता रहता है ऐसा माना जाता है। दोस्तों वैसे तो श्री हनुमान जी पर बल की कोई कमी नहीं है क्युकी वो महाकाल के 11 वे रूद्र अवतार है और सभी देवताओ और ब्रह्मा और महेश के वरदान उनको मिले हुए है जिस कारण वे बहुत ही अधिक ताकतवर है।
कहते है दोस्तों इंद्र के एक हाथी ऐरावत में दस हजार हाथियों का बल है और उन दस हजार ऐरावत हाथियों का बल इंद्र में होता हैं और कहते है दोस्तों उन दस हजार इंद्रों में जितना बल है उतना बल हनुमान जी के कनिष्ठा अँगुली (छोटी उंगली ) में हैं ये भी दोस्तों शास्त्रों में वर्णित है वैसे तो हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते की हनुमान जी पर कितना बल है ,क्युकी दोस्तों ऐसे ही हनुमान जी को अतुलित बल के धाम नहीं कहा जाता है। श्री हनुमान जी तो इतने बलवान थे की पूरी लंका को उखाड़ के वो नष्ट कर सकते थे। पंरतु उन्होंने ऐसा नहीं किया इतने बलवान शक्तिशाली होने के बाद भी उन्होंने अपनी शक्ति का कभी भी घमंड नहीं किया और वे सदैव श्री राम के चरणों में पड़े रहे।
जाने कैसे श्री हनुमान जी को प्रसन्न करे
दोस्तों श्री हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा उपाय ये है की आप श्री हनुमान चालीसा को रोज पढ़े या इसका जाप करे यदि आप नित्य पढ़ते है आपको लाभ अवश्य होगा क्युकी दोस्तों श्री हनुमान चालीसा तंत्र भी है और मंत्र भी। यदि आप श्री हनुमान चालीसा को सिद्ध करना चाहते हो तो आपको ये पाठ 108 बार बोलना है और जब पाठ पूरा हो जाये तो हनुमान जी को भोग चढ़ा देना है। यकीन मानिये श्री हनुमान चालीसा को पढ़ कर हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न होते है।
एक और पाठ है जिसके सुमिरन से आप श्री हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते है वो पाठ है सुन्दरकाण्ड का. जी हाँ दोस्तों सुंदरकांड का पाठ इतना शक्तिशाली और चमत्कारिक प्रभावशाली है ,यदि कोई व्यक्ति सुंदरकांड का पाठ करता है तो उस पर श्री हनुमान जी की कृपा तो होती ही है साथ ही व्यक्ति को धार्मिक लाभ भी मिलता है और दोस्तों सुन्दरकाण्ड में श्री हनुमान जी के पराक्रम उनके साहस उनके बल और उनकी बुद्धि के बारे में बताया गया है जिस कारण यदि कोई इंसान इस सुन्दरकाण्ड का पाठ करता है तो उसे अवश्य लाभ मिलता है। और आप इन दो पाठ का सुमिरन करने से श्री हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते है।
तो दोस्तों ये श्री हनुमान जी के बारे में कुछ रहस्य बातें जो की आज हमने आपको बताया है यदि आपको ये जानकारी पसंद आयी है और आप आगे भी श्री हनुमान जी से सम्बंधित जानकारी जानना चाहते हो तो आप हमारे ब्लॉग को जरूर सब्सक्राइब और फ्लो करे। जिससे आपको हमारे ब्लॉग का नोटिफिकेशन सबसे जल्दी मिल सके। जय श्री राम जय हनुमान।


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