जय श्री राम दोस्तों जय हनुमान दोस्तों आज के ब्लॉग में हम आपको श्री हनुमान जी के संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ के बारे में बताएंगे जिसको यदि आप सुनते या पढ़ते हो यकीन मानिये दोस्तों आपको अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों।
ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो।
देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महामुनि साप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहां पगु धारो।
हेरी थके तट सिन्धु सबे तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मरो।
चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
बाण लाग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सूत रावन मारो।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो।
आनि सजीवन हाथ दिए तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
रावन युद्व अजान कियो तब, नाग कि फांस सबै सिर डारो।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो।
आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
बंधू समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो।
देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मंत्र विचारो।
जाये सहाए भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
काज किए बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो।
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
कुछ महत्वपूर्ण जानकारी
वैसे तो श्री हनुमान जी को राम भक्त ,राम दूत ,महाबली,अंजना पुत्र,केसरी पुत्र,शिवरूप ,रूद्र रूप,आदि अनेक नामो से जाना जाता है ,
संकटमोचन या कहे श्री हनुमान जी की आराधना और पूजा से भक्तों के ऊपर से सभी प्रकार के संकट दूर हो जाते है. जो कोई भी व्यक्ति हनुमान जी की पूजा मंगलवार या शनिवार को करता है उसको बहुत सारे परिणाम अपनी जिंदगी में देखने को मिलते है और वो व्यक्ति अपने जिंदगी में सफलता को प्राप्त करता है।
ऐसा माना है जब तक दुनिया में श्री राम का नाम रहेगा तब तक दुनिया श्री हनुमान का नाम भी उतने ही सम्मान से लिया और पूजा जायेगा।
यदि आपके जीवन में दुख दर्द खत्म होने का नाम नहीं ले रहे तो आप हनुमान चालीसा के बाद रोजाना इस पाठ को जरूर पढ़े आपको लाभ जरूर होगा।
जब भी आपको लगे की आपके ऊपर कुछ बड़ा संकट आने वाला है तो आप संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ जरूर करे।
संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ के लाभ
1 - जो भी व्यक्ति मंगलवार या शनिवार को संकट मोचन हनुमानाष्टक पाठ को सुनता है या बोलता है श्री हनुमान जी उसके सारे संकट दुख,दर्द दूर कर देते है।
2 - हनुमानाष्टक का पाठ करने से व्यक्ति के अंदर बल ,बुद्धि,और साहस में वृद्धि होती है।
3 - हनुमानाष्टक का पाठ करने से व्यक्ति में विद्या की वृद्धि होती है।
4 - हनुमानाष्टक का पाठ करने से व्यक्ति सुखी और तंदुरस्त जीवन व्यतीत करता है।
5 - हनुमानाष्टक का पाठ करने से परिवार और घरेलू जीवन सुख शांति ,प्रेम बना रहता है।
6 - इसका पाठ करने से शत्रुओ का नाश होता है।
7 - ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमानाष्टक का पाठ करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है।
8 - यदि तुम्हरा कार्य नहीं बन रहा या बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो भी आप इसका पाठ कर सकते है।
9 - यदि आप राहु,केतु,शनि,के दोष से ग्रस्त है तो आपको ये पाठ जरूर करना चहिये
10 - यदि आपको लगता है किसी ने आपके ऊपर कुछ किया है या किसी ने कुछ खिलाया तो आपको ये पाठ जरूर करना चाहिए।
दोस्तों मनुष्य जीवन एक ऐसा जीवन है जिस जीवन में मुस्किले और परेशानिया आती ही रहती है इसलिए इस कलयुग में आपको श्री हनुमान जी का ये पाठ जरूर करना चाहिये कहते है इस पाठ को पढ़ने से श्री हनुमान जी को उनकी शक्तियाँ याद आ जाती है क्युकी इस पाठ में श्री हनुमान जी के बल और शक्ति और साहस के बारे में बताया गया है। इसलिए जब आप श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते हो तो उसके बाद आप संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ जरूर करे,यकीन मानिये आपको लाभ जरूर होगा।
