Ticker

6/recent/ticker-posts

जाने हिन्दू धर्म के बारे में। Learn about Hinduism।

                                                                                                                                                             



जय श्रीराम दोस्तों  जय हनुमान जय हिन्दुत्व दोस्तों हमारे धार्मिक मोटिवेशनल  ब्लॉग का उद्देस्य आपको हिन्दू देवी देवताओं और वेदों पुराणों के बारे में बताना  तो हैं  ही परन्तु हमारा कर्तव्य आपको हिंदू धर्म के प्रति जागरूक करना भी है.

क्योंकि आज के समय में किसी  भी धर्म  का व्यक्ति अपने आप को हास्य कलाकार बता कर अपने आप को स्टैंडअप कॉमेडियन का नाम देते है और हमरे हिन्दू देवी देवताओं पर मज़ाक (जोक ) बनाते है , और ये  ऐसे कलाकार  हमारे हिन्दू देवी देवताओं पर हास्य कलाकारी करते है. यहां तक की फ़िल्मी जगत  के कुछ अभिनेता (एक्टर ) तो सिनेमा के माध्यम से हमारे हिन्दू देवी देवताओ पर ऐसी फिल्म बनाते है जिनमे उनका मज़ाक बनाया जाता हैं ,और जो ये सब कर रहे है वो खुद को एक हास्य कलाकार या फिर अभिनेता (एक्टर) का नाम देते है और ये कुछ लोग है जो  हमारे हिन्दू देवी देवताओं के मज़ाक उड़ाने को मनोरंजन का नाम देते है. जो सरासर गलत है। 

 हमें इन हास्य कलाकारों के खिलाफ इनका विरोध करना चाहिए जो हमारे हिन्दू देवी देवताओं का हमारे हिन्दू धर्म का हमारी भावनाओं का मज़ाक बनाते है.क्युकी ऐसे लोगों को कोई हक नहीं की ये हमारे हिन्दू धर्म  के ऊपर हमारे देवी देवताओं का मज़ाक बनाये इन पर ऊँगली उठाये ,हमे इन कलाकारों और इन अभिनेताओ का विरोध जरूर करना चाहिए ,दोस्तों अगर हम इन अभिनेताओं की फिल्म देखें ही नहीं जिसमे ये हमारे देवी देवताओं का मज़ाक बनाते है तो इनकी फिल्मे अपने आप ही फ्लॉप हो जाएगी और इनको इनका सबक भी मिल    जायेगा , और जब कोई  दूसरा कॉमेडियन हमारे हिंदू  देवताओं का हास्य  के रूप में  मज़ाक बनाता है तो हमको उसकी कॉमेडी भी  नहीं देखना चहिये। 

परन्तु आप हिन्दू भाई बहन ये सब भूल जाते है और फिर भी ये सब देखते हैं , जिस कारण कोई भी दूसरे धर्म का व्यक्ति हमारे धर्म का मज़ाक बनाता  है ,और देखा जाए तो इसमे गलती हमारी ही है क्युकी हम ही इन लोगों को ये सब करने का मौका देते है। दोस्तों हम सभी को अपने हिन्दू होने पैर गर्व होना चाहिए की हम उस धर्म में जन्मे है जिसमे प्रभु

श्री राम जन्मे है, जिनके नाम का पत्थर भी पानी में तैरता है ,हमे गर्व होना चाहिए अपने हिन्दू होने पर कि हमारा जन्म इतने महान भारत जैसे देश में इतनी महान संस्कृति में हुआ है । 

दोस्तों हम सभी को अपने हिन्दू होने पर गर्व होना चाहिए कि  हम उस धर्म में जन्मे है , जहाँ हमको रिश्तों को निभाना सिखाया जाता है उन रिश्तों का सम्मान करना सिखाया जाता हैं , हमे गर्व होना चाहिए अपने हिन्दू होने पर कि इतने महान भारत जैसे देश में  महान संस्कृति में हमारा जन्म हुआ है , जहाँ बड़े बड़े संत और महात्मा और महापुरूष हुए है 

परन्तु आज के समय में खुद हिंदू धर्म का व्यक्ति ही हिन्दू धर्म के दुश्मन बने हुए है ,कुछ व्यक्ति औरंगजेब बने हुए है ,औरंगजेब जिसने हमारे लाखों देवी देवताओं के लाखों मंदिर तुड़वाये थे। और लगता है वो औरंगजेब  फिर से पैदा हो गया है जिसकी नजर फिर से हमारे मंदिरों पर हैं। 

दोस्तों कुछ समय पहले आपने सुना होगा दिल्ली में चांदनी चौक में 50 साल पुराना हनुमान जी का मंदिर रातो रात तुड़वा दिया गया। परन्तु कोई भी सरकार  ये मानने को राजी ही नहीं थी की ये मंदिर किसने तुड़वाया।  

दोस्तों धिक्कार है ऐसे कुछ नेताओ पर जो की अपने स्वार्थ के लिए वोट मांगते समय हनुमान चालीसा का पाठ तो करते है परन्तु बाद में हनुमान जी का मंदिर तुड़वा देते है, दोस्तों हम ये तो नहीं जानते है कि श्री हनुमान जी का मंदिर किसने तुड़वाया है  परन्तु जिसने भी ये कुकर्म किया है उसको उसके किये हुए की सजा एक दिन जरूर मिलेगी। 

और दोस्तों कभी भी किसी को किसी भी व्यक्ति को धर्म के नाम पे नहीं लड़ना चाहिए ,क्योकि सभी धर्मों से बड़ा इंसानियत का धर्म होता है जो सभी धर्मों से बड़ा होता हैं। 

परन्तु यदि कोई भी दूसरे धर्म का व्यक्ति हमारे हिंदू धर्म ,हमारे हिन्दू देवी देवताओ का मज़ाक बनाता  है तो फिर हमको अपने धर्म की रक्षा जरूर करनी चाहिए। 

हिंदू धर्म के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो शयद ही आप जानते होंगे   

 हमारा हिन्दू धर्म इस दुनिया का सबसे प्राचीन और पुराना धर्म है जिसका सबूत है हमारे वेद


और हमारे  ग्रंथ , वेद दुनिया की प्रथम पुस्तक है, वेद मानव सभ्यता के लगभग सबसे पुराने लिखित दस्तावेज हैं। सबसे पहले  भगवान ने  4 ऋषियों को वेदों  का  ज्ञान दिया था जिनमे से हैं - अग्नि, वायु, अंगिरा और आदित्य। ये ऋषि न तो ब्राह्मण थे और न दलित, न क्षत्रिय थे और न वैश्य। वेदों के आधार पर ही दुनिया के अन्य धर्मग्रंथों की रचना हुई। जिन्होंने वेद पढ़े हैं, वे ये बात भली-भांति जानते हैं और जिन्होंने नहीं पढ़े हैं उनके लिए नफरत ही उनका धर्म है।और जिनको वेदों और ग्रंथो का ज्ञान नहीं है, वो ही है जो हिन्दू धर्म को कभी जातिवाद तो धर्म के नाम पे तोड़ने की कोशिश करते है। 

संसार में दो तरह  के धर्म होते हैं। एक कर्म-प्रधान दूसरा  विश्वास-प्रधान,  हिन्दू धर्म कर्म-प्रधान है, और अहिन्दू धर्म विश्वास-प्रधान, धर्म के अंतर्गत जैन, बौद्ध, सिख ये तीनों हिन्दू धर्म आते है , इस्लाम, ईसाई, यहूदी ये तीनों अहिन्दू धर्म के अंतर्गत आते हैं। हिन्दू धर्म में लोगों को निज विश्वासानुसार ईश्वर या देवी-देवताओं को मानने व पूजने की और यदि विश्वास न हो तो न मानने व न पूजने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है। मतलब किसी भी व्यक्ति पर कोई भी किसी प्रकार का बंधन नहीं  होता हैं और अहिन्दू धर्म में ऐसी स्वतंत्रता नहीं है, अहिन्दू धर्म अपने अनुयायियों अपने लोगों को किसी विशेष व्यक्ति और विशेष पुस्तक पर विश्वास करने के लिए बाध्य या विवश करता है, मतलब जबरदस्ती धर्म को मानने के लिए बोलता है।  विद्वान लोग भली-भांति जानते हैं कि सांसारिक उन्नति और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति के लिए स्वतंत्र विचारों और आजादी की कितनी बड़ी आवश्यकता रहती है।

हिन्दू धर्म व्यक्ति की स्वतंत्रता को महत्व देता है, हिंदू धर्म कभी किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता है हिन्दू धर्म तो सबके साथ प्यार से रहने को कहता है। जबकि दूसरे धर्मों में सामाजिक बंधन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लागू होते हैं। आप अपनी मर्जी नहीं कर सकते और आप समाज के नियमों का उल्लंघन करके अपने तरीके से जीवन-यापन भी नहीं कर सकते है ,परन्तु  किसी भी व्यक्ति  को सामाजिक बंधन में किसी नियम के द्वारा बांधना अनैतिकता और अव्यावहारिकता है। ऐसा जीवन घुटन से भरा तो होता ही है और समाज में प्रतिभा का भी नाश हो जाता है, ऐसा धर्म जो जीने की सारी वजह छीन ले ,जो धर्म इंसान की आजादी छीन ले वो 'धर्म' धर्म नहीं अधर्म है। दोस्तों ये बात सत्य है भारत का कोई भी संत भारत से बाहर धर्म प्रचार करने नहीं गया। उसने कभी किसी को किसी भी उपाय किसी भी तरीके से हिन्दू नहीं बनाया। हिन्दू धर्म के बाद जितने भी धर्मों का जन्म हुआ उनमें धर्मांतरण का विचार प्राथमिकता से रहा।इतिहास गवाह है कि हिन्दुओं ने कभी किसी राष्ट्र पर आगे रहकर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी राज्य या राष्ट्र को अपने अधीन किया जबकि इसके विपरीत यहां पर आक्रमणकारी आए और

उन्होंने रक्त की नदियां बहा दी और इस देश की संस्कृति को खंडित कर दिया था।भारत की कभी भी अपने राज्य विस्तार की इच्छा नहीं रही है .सभी धर्मों को अपने यहां फलते-फूलने की जगह भी भारत और हिन्दूओं ने ही सबको दी थी । 

दोस्तों हिन्दू  धर्म के बारे में जितना कहा जाये उतना कम है,और हम सभी हिन्दुओं को तो अपने धर्म पर गर्व होना चहिये की हम इतने महान देश में इतने महान संस्कृति में जन्मे है जहाँ हमें हर चीज़ की स्वतंत्रा हैं।लेकिन हम में से बहुत से हिन्दू भाई कभी कभी खुद ही अपने धर्म को आहत करते है जो की उनको नहीं करना चहिये , सरल भाषा में कहे तो कभी भी किसी हिन्दूभाई को जात पात (जातिवाद )के नाम पे नहीं लड़ना चाहिए।   
अंत में हम इतना ही कहना चाहेंगे धार्मिक मोटिवेशनल ब्लॉग  का उद्देश्य केवल आपको हिन्दू देवी देवताओ के बारे में बताना ही नहीं बल्कि आपको हिन्दू धर्म के प्रति जागरूक करना भी है और हम सभी का भी ये कर्त्वय होना चाहिए ,साथ ही साथ हमें अपने धर्म अपनी संस्कृति अपनी रिवाज अपनी धरोहर को बचाकर रखना चाहिए और अपने वेदो पुराणों और ग्रंथो की भी रक्षा करनी चाहिए ,और यदि कभी हमारे धर्म पर संकट आये तो हमें उसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए ,और हम सभी हिन्दू भाई बहनों को मिल के रहना चाहिए।
तो दोस्तों आज के लिए इस ब्लॉग में बस इतना ही यदि आप भी एक हिन्दू हो तो हमारी हिदुत्व की पहल को आगे बढ़ाने के लिए आप भी हमारे साथ हमारे ब्लॉग के साथ जुड़ सकते है।