दोस्तों हिन्दू धर्म में पुष्प (फूल ) बहुत ही पवित्र माने जाते है क्योंकि फूल हम अपने ईस्ट अपने भगवान में चढ़ाते है। जो की शुभ माना जाता है।
कहते हैं दोस्तों यदि आपके पास पूजा की कोई भी सामग्री नहीं है और आप मंदिर जा रहे है तो आप थोड़े से फूल से भी भगवान या अपने ईस्ट को प्रसन्न कर सकते है। वैसे तो दोस्तों जब भी आप मंदिर जाये तो कभी भी खाली हाथ मंदिर न जाये। यदि आपके पास पूजा से सम्बंधित कोई सामग्री नहीं है तो आप अपने घर से थोड़े से फूल ले जा कर भी भगवान को प्रसन्न कर सकते है।
अब जानते है दोस्तों घर पर पूजा के उद्देश्य के लिए बाजार से खरीदे गए फूलों को कैसे पवित्र करें?
दोस्तों जब आप किसी खास पूजा के लिए बाजार से पुष्प (फूल ) लाते हो तो आप उन पुष्पों को गंगाजल या गोमूत्र के छिड़काव से शुद्ध या पवित्र कर सकते है। क्योंकि दोस्तों कहते गंगाजल और गोमूत्र से हर अपवित्र चीज शुद्ध हो सकती है। और ये भी कहा जाता कि यदि पुष्प या फूल को हम किसी पेड़ से तोड़ के लाते है तो उसको पानी से नहीं धोते है क्योंकि कहते हैं ऐसा करने से फूल या पुष्प अशुद्ध (जूठे) हो जाते है।
परन्तु यदि आप बाजार से पुष्प लाते हो तो आप उन पुष्पों को पवित्र करने के लिए और भगवान को चढ़ाने से पहले आप कुशा से उन पुष्पों में एक बार गंगाजल या गोमूत्र का छिड़काव कर सकते है ताकि उन पुष्पों में जो भी अपवित्रा और नकारात्मकता हो तो वो दूर हो जाये।
परन्तु यदि आप घर में या किसी पेड़ या पौधे से कोई फूल या पुष्प तोड़ कर भगवान के लिए या मंदिर में चढ़ाने के लिए लाते हो तो आप उन फूलों को पानी से न धोये। क्योंकि अगर आप फूलों को धोयेंगे तो उन फूलों की सुगंध चली जाएगी और कहते हैं ऐसा करने से फूल जूठे माने जाते है और ऐसे पुष्प भगवान को नहीं चढ़ाये जाते है।
इसलिए दोस्तों यदि आप बाजार से पुष्प (फूल)लाते हो तो आप उनको कुशा या अपने हाथ से गंगाजल या गोमूत्र के छिड़काव से बाजार से लाये पुष्पों को शुद्ध कर सकते है। परन्तु किसी पेड़ या पौधे से तोड़े फूल को आप पानी में भिगो कर धो नहीं सकते है। आप पेड़ या पौधे से निकाले फूल या पुष्प को भगवान को वैसे ही चढ़ा दे क्युकी पेड़ या पौधे से निकाले फूलों में कोई अपवित्रता नहीं होती है वो पवित्र होते है इसलिए उनको धोये न। इसलिए आप उन फूलों को भगवान को चढ़ा सकते है।
दोस्तों फूल बहुत ही शुभ और पवित्र माने जाते है हिन्दू ज्योतिषी के जानकारों के अनुसार फूल सुंदरता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
फूल या कहे पुष्प सकारात्मकता का प्रतीक है तो वहीं यदि आप अपने घर में पुष्प या फूलों को लगाते है तो आपके वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है। क्योंकी सुन्दर पुष्पों को देखकर व्यक्ति का मन शांत होता है तो मन में अपने आप ही सकारात्मकता आ जाती है।
हिन्दू धर्म में फूल को मंदिर और किसी की मृत्यु होने पर भी चढ़ाया जाता है और किसी के सम्मान में भी फूलों को माला के रूप में पहनाया जाता है।
तो दोस्तों अब आप जान चुके होंगे की बाजार से लाए फूलों ( पुष्पों )को आप घर में लाकर कैसे पवित्र कर सकते है।
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