दोस्तों देश में कोरोना और ब्लैक फंगस ने अपने पैर फसार लिए है ऐसे में देशभर में लोग वैक्सीन लगा रहे है परन्तु वैज्ञानिकों के अनुसार अब कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है ऐसे में अब भारतवर्ष के सभी माता पिता को अपने बच्चों का ख्याल जरूर रखना चाहिए इसलिए दोस्तों कैसे आप अपने बच्चों को कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचा सकते हो आज इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे जो आपको कोरोना महामारी से अपने बच्चों को बचाने में मद्त करेगी इसलिए आप इन टिप्सों को ध्यान से और पूरा जरूर पड़े।
वैसे तो दोस्तों पूरी दुनिया में इस वायरस ने अपना प्रभाव डाला है परन्तु फिलहाल अब इस वायरस ने भारत जैसे बड़े देश परअपना प्रभाव अधिक डाल रहा है और वैज्ञानिकों के अनुसार अब कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है जो की अब बच्चों पर प्रभाव डालेगी समाचारों पत्रिका के अनुसार उत्तराखंड में 5151बच्चे वायरस से प्रभावित हुए है और इनमे से कुछ ऐसे बच्चे है जिनमें कोरोना के लक्षण देर में मिल रहे है और बहुतों का पता भी नहीं चल रहा है ऐसे में जिन माता - पिता को कोरोना वायरस के बारे में अच्छी तरह से जानकारी है तो ऐसे में वो अपने बच्चों को कोरोना के खतरे से बचा सकते है।
कोरोना वायरस महामारी में अपने बच्चों को कैसे सुरक्षित रखें
1 - बच्चों को घर से बाहर न जाने दे और अगर किसी जरुरी कार्य होने पर घर से बाहर जाये तो घर आते ही उनके हाथ साबुन और सेनिटाइजर से धो/ साफ ले।
2 - बच्चों को बिना मास्क के घर से बाहर न जाने दे।
3 - अपने बच्चों को आप भीड़ - भाड़ वाले इलाके में ले जाने से बचे अपने घर में साफ सफाई रखें।
4 - यदि घर का कोई सदस्य घर से किसी कार्य से बाहर जाता है तो घर आते ही उस व्यक्ति को नहा लेना चाहिए और अपने कपड़ो को धो लेना चाहिए।
5 - अगर कोई व्यक्ति बाहर से घर पर आता है तो पहले बाहर से आये व्यक्ति के हाथों को सेनिटाइजर से साफ ले और उस व्यक्ति का बॉडी के तापमान को मशीन से चेक कर ले कि कितना है और तभी व्यक्ति को घर में आने दे।
6 - खांसते और छींकते समय रुमाल का इस्तेमाल करना चाहिए और बिना हाथ धोए अपना चहरे को छूना नहीं चाहिए साथ ही संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से बचना चाहिए।
7 -अगर घर में किसी व्यक्ति को खॉंसी हो रही है वो छींक रहा हो तो उस व्यक्ति को मास्क जरूर पहनना चाहिए और बच्चों से दूरी बनानी चाहिए।
8 - आप अपने बच्चों को कोरोना वायरस के बारे में अच्छे से जानकारी बताये और कहे की अपना खाना -पीना किसी के भी साथ शेयर न करे क्योंकि एक दूसरे का खाना शेयर करने पर कोरोना फैल सकता है।
9 - माता -पिता और टीचर बच्चों से इस महामारी के बारे में खुलकर बात करे और उनको इस महामारी से बचने के लिए जागरूक करें।
दोस्तों कोरोना वायरस एक ऐसी महमारी है जो इंसान के शरीर में हवा के माध्यम से फैल रहा है और शरीर में जाकर फेफड़ों में फैलता है और फेफड़ों में संक्रमण पैदा करता है इसलिए इस महामारी से अपने बच्चों को बचा के रखिये।
आइये जानते है बच्चों में कोरोना के लक्षण
1 - यदि बच्चों में बुखार अधिक हो रहा हो और बुखार दवाई खाने पर भी सही नहीं हो रहा हो तो बच्चे में कोरोना के लक्षण हो सकते है।
2 - बच्चों को अधिक खांसी -जुकाम हो रहा हो तो और साँस लेने पे परेशानी हो रही हो तो कोरोना के लक्षण हो सकते है।
3 - थकान और दस्त यदि बच्चों में हो रही हो तो और थोड़े से चलने पर बच्चा थक जाता हो तो बच्चे में कोरोना के लक्षण हो सकते हैं ,
4 - यदि बच्चे के गले में खरास हो गले में अधिक कफ /बलगम हो रहा हो तो कोरोना के लक्षण हो सकते है।
5 -अगर बच्चा भोजन न खाये मतलब बच्चे को भूख कम लगे और खाना खाने में कोई स्वाद न आये सूंघने की क्षमता कम हो गयी हो तो बच्चे में कोरोना के लक्षण हो सकते है।
6 - यदि बच्चों के शरीर में दर्द बना है मांसपेशियो में दर्द हो रहा है और रात को दर्द से नींद न आये तो हो सकता है कोरोना के लक्षण हो।
7 - यदि बचे को साँस लेने पे परेशानी अधिक हो रही हो बलगम अधिक हो रहा हो बच्चा ढंग से नींद नहीं ले रहा हो तो हो सकता है कोरोना के लक्षण हो।
समाचार और डॉक्टर्स के मुताबिक अभी तक उत्तराखंड में कुछ दिनों के भीतर बहुत सारे बच्चे कोरोना वायरस चपेट में आये है जिनकी आयु जन्म से 9 से 10 साल है।
दोस्तों अभी तक प्रदेश में 5151 से ऊपर से बच्चे करना से संक्रमित हो चुके है।
केंद्र सरकार के ट्विटर हेंडल के मुताबिक और समाचार पत्रिका और वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ बच्चों में पेट और आंत से जुडी परेशानी के साथ कुछ असामान्य लक्षण देखने को मिल रहे है इसलिए इन लक्षणों को लेकर सभी माता -पिता को सतर्क रहना चाहिए किसी भी तरह के लक्षण को मामूली नहीं समझना चाहिए बल्कि इस संबंध में डॉक्टर से जाँच करानी चाहिए।