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जानिए हनुमान जी की सिद्धि कैसे प्राप्त करे?



 जानिए हनुमान जी की सिद्धि कैसे प्राप्त करे?

राम दूत श्री हनुमान जी कौन को नहीं जनता है, त्रेतायुग से लेकर आज भी कलयुग में श्री हनुमान जी आज भी प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन है और साथ ही अपने भक्तों के कष्ट दूर कर रहे है। 

कहते है जिस इंसान पर श्री हनुमान जी की कृपा हो जाती है उसको किसी दूसरे देव या देवी की पूजा करने की भी जरूरत नहीं है। और ये श्री हनुमान चालीसा में भी कहा गया है - 

दोहा = और देवता चित न धरई ,हनुमंत सेई सर्व सुख करई।।

भगवान शिव  के अवतार श्री हनुमान जी इस कलयुग में सबसे अधिक जाग्रत देव है। कहते है दोस्तों श्री हनुमान जी ही कलयुग में भक्तों के कष्ट और रोग दूर कर सकते है।

आज के दौर में दोस्तों बहुत से लोग पाखंडी ,तांत्रिक ,ज्योतिषि के चक्कर में पड़ते है ,क्योंकि उन्हें श्री हनुमान जी की शक्ति का पता नहीं होता है ,जिस कारण वो ऐसे पाखंडियो  के चक्कर में पड़ते है।

अब जानते है दोस्तों कैसे आप श्री हनुमान जी की सिद्धि प्राप्त कर सकते है ?

दोस्तों यदि आप श्री हनुमान जी की सिद्धि प्राप्त करना चाहते हो तो इसके लिए हम आपको सबसे सरल उपाय बतायंगे जो की खुद हमने किया था। हम आपको वो ही विधि बतायंगे जिससे आपको लाभ होगा और जिस विधि से हमको भी लाभ हुआ था। 

1 - सबसे पहले आपको मंगलवार सुबह उठकर स्नान कर के सूर्यदेव को जल चढ़ाना है उसके बाद लाल ,केसरिया या पीले वस्त्र पहनकर अपने पूजा स्थल पे जाना है।

2 -मंदिर में जाने के बाद आपको श्री राम माता सीता और श्री हनुमान जी की फोटो या मूर्ति को एक चौकी में रखना है और उस चौकी में आपको लाल कपड़ा बिछाना है। 

3 - पूजा करने से पहले आपको प्रथम पूज्य श्री गणेश की वंदना करनी है उनका आव्हान करना है। 

4 - गणेश जी की वंदना करने के बाद आपको श्री राम और माता की वंदना करनी है और फिर श्री हनुमान जी की वंदना करनी है। 

5 - हनुमान जी की पूजा करने से पहले आपको एक लोटे में जल लेना है और संकल्प लेना है। जी हां दोस्तों आपको पूजा या कोई मंत्र सिद्ध करने से पहले आपको दायें हाथ में जल लेकर संकल्प लेना है। 

अब आपको दोस्तों श्री हनुमान जी की हनुमान चालीसा को 45 दिन तक मूंगे या रक्त चन्दन की माला से रोजाना 108 बार नियम से पढ़ना है। 

और यदि आप श्री हनुमान चालीसा को एक दिन में 108 बार नहीं पढ़ सकते हो तो आप रोजना 11 बार 21 या 45 दिन तक श्री हनुमान चालीसा का जाप कर सकते हो। 

 दोस्तों हम आपको श्री हनुमान चालीसा का जाप करने को इसलिए बोल रहे हैं क्योंकी श्री हनुमान चालीसा के जाप से श्री हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न होते है,और हनुमान चालीसा में श्री हनुमान जी और श्री राम जी के बारे में गुणगान किया गया है जिस कारण भी श्री हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते है। 

और दोस्तों आप श्री हनुमान जी का एक और मंत्र का जाप कर के भी हनुमान जी की सिद्धि प्राप्त कर सकते है। क्या है वो मंत्र आइये जानते है -

मंत्र = ॐ श्री रामदूताय नमः। 

आप इस मंत्र का जाप 45 या 21 दिन तक संकल्प  लेकर आप इस मंत्र का जाप करे।  

दोस्तों हम आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे अंतिम दिन जब आपका जाप पूरा हो जाये उस दिन आप स्वयं से हनुमान जी के नाम का हवन कर दे।  

और अंत में श्री हनुमान जी को प्रणाम करें। और यकीन मानिये दोस्तों आपको स्वयं साधना के दिनों में अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा दिखने को मिलेगी आप स्वयं को सकारात्मक महसूस करेंगे। और ये  बात तय है यदि आप श्री हनुमान जी की पूजा उनकी भक्ति सच्चे मन से करते हो तो आपको लाभ अवश्य होगा। 

और दोस्तों यदि आप रोजाना 108 बार 45 दिन तक श्री हनुमान चालीसा का जाप नहीं कर सकते हो तो आप रोजाना श्री हनुमान चालीसा का पाठ कीजियेगा आपको लाभ अवश्य होगा। 

अब जानते है दोस्तों अगर आप हनुमान चालीसा का जाप 45 दिन या 21 दिन तक करते हो तो आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए ,आइये जानते हैं। 

 1 - जिस दिन आप हनुमान चालीसा का जाप करे या जिस दिन आप साधना करें  उस दिन आप सात्विक रहे। 

2 - साधना के दिनों में ब्रम्हचारी का पालन करे ,और मांस ,मदिरा प्याज़ ,लहसुन ,का सेवन न करे।

3 - साधना के दिनों में किसी की चुगली न करे और  न ही किसी का बुरा करने की सोचे। 

4 - साधना के दिनों में आप लाल ,पीले ,केसरिया रंग वस्त्र धारण  करे तो अच्छा होगा ,परन्तु काले ,नीले ,हरे रंग के वस्त्र न पहनें। 

5 - साधना के दिनों में आप मंदिर में ही सोये तो अच्छा होगा और आपको इन दिनों जमीन पर ही सोना चाहिए। 

दोस्तों महाबली श्री हनुमान जी बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाले देव है ,श्री हनुमान जी की कृपा आप पर भी बनी रहे इसके लिए आप मन ,कर्म ,वचन से पवित्र रहे ,कभी भी झूठ न बोले ,किसी भी प्रकार का नशा मांस का सेवन न करे। और प्रतिदिन श्री हनुमान जी की पूजा करे हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करे।   

तो दोस्तों इस प्रकार से आप श्री हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते है और उनकी सिद्धि प्राप्त कर सकते है। और अंत में दोस्तों हम आपसे ये ही कहना चाहते है यदि आपका मन पवित्र है आप सच्चे मन से श्री हनुमान जी की पूजा करते हो सच्ची श्रद्धा और विश्वाश से श्री हनुमान जी की भक्ति करते हो तो आपको स्वयं ही श्री हनुमान जी की सिद्धि मिल जाती है। और जब आपके ऊपर श्री हनुमान जी कृपा हो जाती है तो आपको किसी सिद्धि की अवश्कता नहीं है। क्योंकी जिसके ऊपर संकटमोचन हनुमान जी की कृपा हो उसका संकट भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता  है। 

तो दोस्तों आज के लिए इतना ही आपको हमारी ये जानकारी कैसे लगी आप अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताये। 









 

 

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