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जानिए भगवान शिव शंकर के महामहामृत्युंजय मंत्र के बारे में सम्पूर्ण जानकरी ।


जय शिव शंकर दोस्तों क्या कभी आपने सोचा है यदि आपके पास एक ऐसा मंत्र आ जाए जिसको बोलने से आप मौत को भी टाल दे। और आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाए तो आपको कैसे लगेगा। 

दोस्तों सबसे पहले हम आपको ये बात बता दे जो  संसार में जन्मा है उसे एक न एक दिन इस धरती  छोड़ के जाना ही है। 

परन्तु यदि कोई व्यक्ति समय से पहले ही मृत्यु को प्राप्त हो जाये तो उसे अकाल मृत्यु कहा जाता है। अकाल मृत्यु से अर्थ उस मृत्यु से है जब व्यक्ति अपनी आयु समाप्त होने से पहले ही मर जाता है। 

इसलिए दोस्तों ये मंत्र अकाल मृत्यु में भी कार्य करता है जी हां दोस्तों हम बात कर रहे हैं .आज हम आपको भगवान शिव शंकर के महामहामृत्युंजय मंत्र के बारे में बताएंगे जिसकी रचना ऋषि मार्कण्डेय ने की थी। दोस्तों इस घोर कलयुग में इस मंत्र को ब्रह्मास्त्र कहा जाता है जो बहुत प्रभावसाली और लाभकारी मंत्र है। 

दोस्तों ये मंत्र बहुत ही सरल और लाभकारी मंत्र है जिसको यदि आप जपते हो तो यमराज भी आपके पास नहीं आता है। 

मंत्र = ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

दोस्तों किसी भी मंत्र के बारे में जपने से पहले हमेशा उस मंत्र के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए।  क्योंकि किसी भी मंत्र और पाठ का लाभ  तभी होता है जब हमें उसके अर्थ के बारे में पता होता है और उसे जब उसी भावना के साथ बोला जाए जिसके लिए वो मंत्र बना है। 

 अर्थ =  इस पूरे संसार के पालनहार ,तीनों नेत्र वाले भगवान शिव की हम पूजा करते है। इस पूरे विश्वा में सुरभि फैलाने वाले भगवान शंकर हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्ति प्रदान करे जिससे कि हमें मुक्ति (मोक्छ) की प्राप्ति हो। 

दोस्तों क्या आप जानते हो ऋषि मुनियों में इस महामहामृत्युंजय मंत्र  को वेदों का ह्रदय कहा जाता है। 

इस मंत्र में 32 शब्दों का प्रयोग हुआ है। और यदि इस मंत्र में ॐ लगा दिया जाये तो ये मंत्र 33 शब्दों का है।

ये मंत्र इतना शक्तिशाली है कि यदि आप इस मंत्र को मुशीबत पड़ने पर जपते हो तो भोले शंकर स्वयं आते है अपने भक्त की सहायता करने। 

दोस्तों ये मंत्र आप सोमवार के दिन अपने घर के मंदिर या शिवलिंग के सामने बैठकर बोल सकते हो। अगर आप ये मन्त्र सावन के महीने सोमवार को बोलते हो तो ये आपके लिए बहुत लाभकारी होगा। 

दोस्तों कहते है जब ऋषि मार्कण्डेय छोटे थे तो विधान के हिसाब से उनकी मृत्यु 12 साल बाद होनी थी जो बात उनको बाद में अपने माता पिता से पता चली । 

फिर ऋषि मार्कण्डेय ने भगवान शिव की महामहामृत्युंजय की रचना की और शिवलिंग के सामने बैठकर अखंड महामहामृत्युंजय जाप का संकल्प लिया। 

कहते है जब उनकी मृत्यु का समय नजदीक आया तो यमराज उनको लेने आये परन्तु जब यमराज ने अपना यम दंड ऋषि मार्कण्डेय के प्राण लेने के लिए फेंके तो तभी भगवान शिव शंकर रूद्र रूप में वहां प्रकट हो गए और फिर भगवान शिव शंकर ने यमराज को क्रोध रूप से  कहा कि तुम इस बालक को मृत्यु नहीं दे सकते हो क्योंकि ये बालक मेरी शरण में आया है इसलिए तुम अब यहां से चले जाओ। 

दोस्तों फिर भगवान शिव ने ऋषि मार्कण्डेय को अमरता का वरदान दिया जिस कारण ऋषि मार्कण्डेय अमर हो गए। 

आप इस शक्तिशाली मंत्र का जाप सोमवार के दिन कर सकते हो। जाप का समय सुबह और शाम के समय आप जप कर सकते हो। 

यदि आप बहुत दिनों से बीमार हो आपका स्वाथ्य ठीक नहीं हो रहा है या आपका कोई अपना परेशान है तो आपको इस महामहामृत्युंजय मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। 

और दोस्तों आज के कोरोना महामारी के समय आपको ये मंत्र जरूर बोलना चाहिए यकीन मानिये आपको लाभ अवश्य होगा क्योंकि मंत्रों में बहुत शक्ति होती है यदि आप मन्त्र को सही नियम और विधि विधान से श्रद्धा अनुसार जपते हो तो। 

दोस्तों यदि आपके जीवन में मुश्किलें अधिक आ रही है।आपके कुंडली में ग्रह दोष है तो आपको इस मन्त्र का जप जरूर करना चाहिए। 

महामहामृत्युंजय मन्त्र को जपने से बहुत लाभ होते है जैसे आप किसी भी महामारी जैसे कोरोना ,ब्लैक फंगस जैसी बहुत से महामारी में आप इस मन्त्र का प्रयोग कर सकते हो आपको लाभ अवश्य होगा। 

धन सम्बन्धी परेशानी हो ,राहु ,केतु ,शनि का दोष हो व्यवसाय में नुकसान हो रहा हो ,विद्यार्थी का पढ़ाई में मन न लग रहा हो तो आपको जरूर महामहामृत्युंजय का जाप करना चाहिए। 

दोस्तों आप बस इतना समझ लीजिये ये मंत्र हर मुशीबत और परेशानी पे कार्य करता है और आपको संकट से दूर निकालता  है।

ध्यान रखें जब  महामहामृत्युंजय मन्त्र का जाप करे तो सबसे पहले संकल्प जरूर लें और फिर नियम और विधि पूर्वक मंत्र जप करे। 

यदि आप सवालाख जाप करते हो तो शुभ मुहूर्त में आपको मन्त्र जाप करना चाहिए। 

जैसे कि आप सावनी सोमवार के दिन और अगर प्रदोष हो या कहे प्रदोष सोमवार हो या शिवरात्रि हो कृष्णा पक्ष की चतुदर्शी  हो या शुक्ला पक्ष हो   तो आप इन दिनों में जाप कर सकते हो ये दिन उत्तम रहेगा। 

दोस्तों जब आपका मन शांत हो तब आप एकाग्र होकर मन्त्र का जाप करें। और पूर्ण समर्पण होकर पूर्ण नियम और विधि विधान से विश्वास के साथ मंत्र जाप करे। 

जाप करने से पहले प्रथम पूज्य गणेश की वंदना करना है और अपने गुरु का ध्यान करना है। उसके बाद आप भगवान शिव  का ध्यान करें। 

और फिर उसके बाद आप मंत्र का जप शुरू करे मंत्र जाप आप रूद्रक्ष की माला से करें।भगवान शिव को जल दूध से अभिषेक करे और फूल ,धूप और दीप जलाये। 

ध्यान रखें दोस्तों जाप के दौरान जब आप जप करे तो आपके द्वारा जलाया हुआ दीया जलते रहना चाहिए और वो बुझना नहीं चाहिए। 

मंत्र का जप आप चाहे तो शिवलिंग में जाकर या घर के मंदिर में जाप कर सकते हो। 

दोस्तों जब आप रूद्रक्ष की माला से जप करे तो माला को गोमुखी के अंदर ही रखें उस माला पे किसी की नजर न पड़ने दे जब तक आपके जप की संख्या पूरी न हो जाए। 

आप रोजाना एक नियम बनाकर 11 बार 21 बार जप कर सकते हो या 108 बार रोज जप कर सकते हो और इससे भी आपको लाभ मिलता है। 

महामहामृत्युंजय मंत्र की जप संख्या स्वालाख होती है। हालांकि 1 दिन में इतनी संख्या में जाप करना संभव नहीं है परन्तु यदि  रोजाना 1000 की संख्या में जाप करने पर 125 दिन के भीतर स्वालाख मन्त्र जाप का संकल्प पूर्ण कर सकते है।  

और यदि आप स्वा लाख मंत्र जप नहीं कर सकते हो तो 5 ब्राह्मणों से महामहामृत्युंजय का जाप करा सकते हो और जिस दिन आपका जाप पूरा  हो जाए उस दिन दशांस हवन करियेगा।और ब्राह्मण को भोजन खिलाएगा । 

और यदि आप स्वालाख जाप नहीं सकते हो तो आप 1100 बार मन्त्र जापकर सकते है। और रोगों से मुक्ति के लिए 11000 बार जाप कर सकते हो। पुत्र प्राप्ति के लिए उन्नति के लिए अकाल मृत्यु से बचने के लिए आप स्वालाख का ही जाप करे। 

 इस प्रकार से यदि आप महामहामृत्युंजय मन्त्र का जाप करते हो तो विश्वाश मानिये आपको इस मन्त्र के जपने से मनवांछित फल मिलता है। 

ध्यान रखे मन्त्र जाप में अपना ध्यान इधर -उधर  भटकने दे,आलस्य न करे, और जपकाल में ब्रह्मचर्य का पालन करे स्त्री का भोग न करे ,मांस ,मदिरा ,अंडे ,प्याज ,लहसुन का त्याग करे। और सात्विक आहार ले और दूसरों की चुगली न करे दूसरों के प्रति गलत न सोचे। 

दोस्तों महारूद्र सदा शिव को खुश करने  के लिए अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए आप महामहामृत्युंजय का जाप जरूर करे। 

यकीन मानिये आपको अकाल मृत्यु और किसी भी संकट से डरने की जरूरत नहीं है अगर आप महामहामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हो शिव शंकर स्वयं आते हैं आपकी सहायता करने के लिए। 

तो दोस्तों आप भी महामहामृत्युंजय  मंत्र का जाप करे आपको लाभ अवश्य होगा। 

 




     






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