जय श्री राम दोस्तों जय हनुमान स्वागत है आपका हमारे हनुमान मोटिवेशनल ब्लॉग में। दोस्तों आपने माता गायत्री मंत्र के बारे में तो सुना होगा और माता गायत्री के मंत्र के बारे में तो आप जानते ही होंगे ,परन्तु शायद आप श्री हनुमान जी के गायत्री मंत्र के बारे में नहीं जानते होंगे इसलिए आज हम आपको श्री जी के गायत्री मंत्र के बारे में बताएंगे।
श्री हनुमान गायत्री मंत्र- ॐ अंजनी पुत्रयाय विद्महे रामदूताय धीमहि तन्नो हनुमत प्रचोदयात्।
दोस्तों क्या आप जानते है ? हर एक देवता का या देवी का गायत्री मंत्र होता है और उन देवी और देवताओं की समस्त शक्ति उनके ही गायत्री मंत्र में होती है।
हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप करने से पहले आपका विश्वाश आपकी श्रद्धा श्री हनुमान जी पर होनी चाहिए।
हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप करने से पहले आपको सबसे पहले सुबह उठ कर स्नान करना चाहिए , और वस्त्र में आपको लाल , पीले , केसरिया , रंग के वस्त्र पहनना चाहिए।
उसके बाद हनुमान जी के सामने दूप दीप जला दे और लाल ऊनि आसान या कुश के आसान पर बैठ कर इस मंत्र का जाप करे।
गायत्री मंत्र का जाप करने से पहले आप प्रथम पूज्य श्री गणेश की पूजा करे ,उसके बाद श्री राम और माता सीता के नाम का जाप करे और फिर श्री हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप करे।
जाप करने से पहले संकल्प जरूर ले उसके बाद जितनी बार आप ये मंत्र बोलना चाहते हो बोले।
आप गायत्री मंत्र को 11 बार ,21 या फिर 108 बार बोल सकते है, यदि आप इस मंत्र की पूर्ण सिद्धि करना चाहते हो तो आप इस हनुमान जी के गायत्री मंत्र को रोजाना 108 बार 45 दिन तक बोले पूर्ण नियम से । यदि आप ये सब कार्य पुरे नियम से करते हो तो इस मंत्र में इतनी शक्ति है जो आपका जीवन बदल सकता है,जब आप हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप पूरा कर ले तो अपने सामर्थ्य अनुसार हनुमान जी को भोग चढ़ा दे. और अंत में वो प्रसाद अपने परिवार भी बाँट दे।
इस मंत्र की सबसे बड़ी बात ये है की ये आत्मा की शुद्धि करता है , और दोस्तों यदि आपकी आत्मा शुद्ध है तो सौभाग्य आपके दरवाजे पर दस्तक अवश्य देगा।
और यदि आपकी आत्मा दूषित है आपके अंदर नकरात्मक विचार है आपके मन में किसी के प्रति गंदे विचार है तो ये मंत्र दुर्भाग्या को ही दस्तक देता है।
इसलिए दोस्तों यदि आप कभी भी भक्ति करते हो तो अपने विचारो को शुद्ध रखे , आप किसी के प्रति गलत न सोचे ,क्युकी यदि आप अपने मन तन को शुद्ध रखेंगे तभी प्रभु आपकी सुनेंगे।
क्या नहीं करना चाहिए उस दिन
1 -जिस दिन आप हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप करते हो उनका अनुष्ठान करते हो आपको उस दिन अंडे मांस ,मदिरा,प्याज ,लहसुन ,और बह्रमचार्य का पालन जरूर करना चहिये।
2 -जिस दिन आप मंत्र जाप करें उस दिन आप सात्विक रहे।
उस दिन आप किसी के बारे में न गन्दा सोचे और न ही किसी से लड़े।
3 -इसके आलावा आपको औरतों का सम्मान करना चाहिए किसी को बुरी नजर से न देखें।
4 -दोस्तों हनुमान जी ने हमेशा हर महिला को माता का दर्जा दिया है उन्होंने हर महिला को माता रूप माना हैं इसलिए आप भी अपने से बड़ो और हर औरत का सामान करे।
5 -इस गायत्री मंत्र का फायदा और लाभ एक और भी है ,इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति पर राहु , केतु, और शनि, का दोष नहीं लगता है।
श्री हनुमान जी का परक्रम उनकी वीरता के बारे में जितना कुछ कहा जाये उतना कम है
दोस्तों श्री हनुमान जी के गायत्री मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जन्मो जन्मो का बंदन कट जाता है यदि कोई सदैव इस मंत्र का जाप करता है।
दोस्तों मंत्रो में बहुत शक्ति है यदि आप इसका जाप नियम से करे तो .
बहुत से लोग कहते है हम मंत्र जाप करते है परन्तु हमको लाभ नहीं मिलता है , वो इसलिए दोस्तों क्युकी आप उस मंत्र का जाप सही से नहीं करते है पुरे नियम से नहीं करते है।
इसलिए दोस्तों यदि आप किसी भी मंत्र या पाठ का जाप करते हो तो पहले उसके बारे में जान लिया करो और उसके नियम क्या है कैसे करते है ?ये सब जान लेने के बाद आप मंत्र या पाठ का जाप करे।
तो दोस्तों आज के लिए इस ब्लॉग में बस इतना ही आप जरूर एक बार श्री हनुमान जी पर विश्वाश करके यदि आपके कार्य नहीं बन रहे तो ये पाठ जरूर करे।
और दोस्तों हम आपसे बस इतना ही कहना चाहेंगे विश्वाश सबसे बड़ी चीज़ होती है अगर आपके अंदर विश्वाश है तो आप कुछ भी असंभव कार्य कर सकते है। इसलिए कोई भी पाठ मंत्र विश्वाश के साथ जरूर करे।
जय श्री राम जय हनुमान

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