ध्यान एक ऐसी अवस्था है जिसको करने से से मनुष्य का मन और तन स्वस्थ हो जाता है ,ध्यान एक ऐसी अवस्था जो आपके तनाव को दूर करता है ध्यान मनुष्य को मानसिक रूप से शक्ति देता है।
शुरू में आपको ध्यान लगाने में समस्या हो सकती है ,हो सकता आपका मन ध्यान करने में न लगे और ये भी हो सकता है जब आप ध्यान लगाए तो आपका ध्यान आपके आँखों के केंद्र में हो। परन्तु आपको धीरे -धीरे ध्यान लगाना है।
क्या है ध्यान लगाने की विधि आइये हम आपको बताते है -
दोस्तों आप ध्यान (मेडिटेशन ) मंदिर या किसी शांत स्थान या शांत कमरे में एकांत में खुली जगह पर हो सकती है। एक ही जगह पर रोज ध्यान करना आपकी प्रगति के लिए उत्तम माना जाता है।
सबसे पहले जमीन में सुखासन या पद्मासन में बैठे , बैठने के लिए आप कम्बल या ऊनि आसन को बिछाकर बैठ जाये ,अगर जमीन में बैठने पर परेशानी हो तो आप कुर्सी में बैठ कर ध्यान कर सकते है परन्तु एक बात ध्यान रखे कुर्सी पीछे से सीधी हो और आपकी कमर भी .ताकि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी हो।
उसके बाद अपनी आंखे धीरे- धीरे बंद करे और उसके बाद गहरी साँस ले और प्राणायाम करे।
ध्यान की शुरुवात में प्राणायाम करना या थोड़ी देर तक लम्बी साँस धीरे -धीरे लेना और धीरे धीरे छोड़ना दिमाग और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है।
इससे मस्तिष्क सक्रिय होता है, विचारों को कण्ट्रोल करना सम्भव होता है।
शुरुवात में अपनी साँस में ध्यान लगाए ताकि आपका ध्यान कहि और न भटके और आपका मन एकाग्र रहे।
ध्यान में आपको अपने मन के विचारो को हटाकर आपको अपना ध्यान एक बिंदु या सकारात्मक विचार पर स्थिर करना पड़ता है।
शुरुवात में आपके आँखों में में या सर पे दर्द होगा परन्तु आपको बस आँखों की दृष्टि अपने आँखों के मध्य केंद्र बिंदु पर रखनी है।
इसलिए दोस्तों जब भी मन में विचार आये तो उन्हे आने -जाने दे ,उनमे खोये या उलझे नहीं। किसी विचार के बारे में उसको पकड़ कर सोचते मत रहिये।
ऐसा करने से धीरे -धीरे विचार की गति धीमी होती जाएगी और आपके मन में कम विचार आएंगे।
दोस्तों ध्यान ( मेडिटेशन) की गहराई में जाने का रास्ता है इसलिए धैर्य ,लगन ,और सकारात्मक सोच के साथ प्रयास जरूर करते रहे।
आप ध्यान करते समय किसी गुरु या अपने ईस्ट अपने भगवान को याद करे। आप जिस भगवान की पूजा करते हो आप ध्यान के लिए अपने भगवान की छवि ,रूप,भाव ,गुणों के बारे में सोचे या अपने गुरु का ध्यान करे।
मन में उनसे प्रार्थना करे। आप किसी मंत्र का जप कर सकते है और सकारात्मक विचारों को सोच सकते है।
रोज ध्यान करने से हमारी विचार, कर्म और भावना में एक बैलेंस आता है जोकि जीवन में सफलता और सुख लाता है. प्रतिदिन ध्यान करने से ध्यान की गहराइयों में उतरना संभव होता है.दोस्तों यदि आप रोजाना ध्यान करते है तभी आपको ध्यान के फायदे और लाभ मिलते है क्योंकि जिस प्रकार आप किसी चीज को पाने के लिए परिश्रम करते हो और जब आप अधिक मेहनत करते हो तो आपको लाभ होता है। उसी प्रकार जब आप रोजाना ध्यान करते हो तो तभी आपको लाभ दिखने महसूस होता है। दोस्तों यदि आप रोजाना ध्यान करते हो तो आपकी विचार , कर्म और भावना में एक बैलेंस आने लगता है जोकि जीवन में सफलता और सुख लाता है और प्रतिदिन ध्यान करने की गहराई में उतरना संभव बनाता है।
1 - दोस्तों ध्यान करने से मनुष्य की शरीर की चंचलता ,और अस्थिरता रूकती है।
2 - ध्यान करने से मन शांत होता है मन में आने वाले कुविचार दूर होते है
3 -ध्यान करने से मन में सकारात्मक विचार आते है और आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
4 - ध्यान करने से मन से गबराहट दूर होती है
5 - जीवन में नियम और अनुशासन का पालन संभव बनता है।
6 - ध्यान करने से मानसिक शक्तियों का विकास होता है।
7 -ध्यान करने से समस्या या तनाव आप पैर कभी भी हावी नहीं होती है।
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